नई दिल्ली सीट पर केजरीवाल को वॉक ओवर नहीं, प्रवेश वर्मा के आने से फंसा पेंच
नई दिल्ली। नई दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर इस बार चुनावी मुकाबला बेहद रोमांचक होता दिख रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री और आप नेता अरविंद केजरीवाल के सामने बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा को मैदान में उतार दिया है। वहीं, कांग्रेस ने शीला दीक्षित के बेटे संदीप को मैदान में उतारकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। इसके बाद ये बात साफ हो गई हैं कि केजरीवाल को इस बार चुनाव में कड़ी चुनौती मिलने वाली है। यह देखकर केजरीवाल इस बार मध्य वर्ग को साधने की रणनीति अपनाए हुए हैं। उन्होंने टैक्स आतंकवाद के मुद्दे को उठाकर केंद्र की मोदी सरकार से सात डिमांड रखकर मध्यम वर्ग के लिए राहत देने की बात कही है। दूसरी ओर, बीजेपी ने आठवें वेतन आयोग की घोषणा करके सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों को साधने की कोशिश की है।
इस बी झुग्गीवासियों के बीच बीजेपी ने जहां झुग्गी, वहीं मकान का वादा किया है। इसके द्वारा बीजेपी ने वह आप के कोर वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, केजरीवाल झुग्गीवासियों को मकान देने के बीजेपी के दावे को चुनौती दे रहे हैं।
नई दिल्ली सीट पर धोबी और वाल्मीकि मतदाताओं की अहम भूमिका रहती है। यह देखकर केजरीवाल ने धोबी कल्याण बोर्ड बनाने का वादा कर समुदाय को अपने पक्ष में करने की कोशिश की है। वहीं, वाल्मीकि मतदाताओं के बीच प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता बीजेपी के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकती है।
इन दोनों दलों के बीच कांग्रेस के संदीप अपनी मां शीला दीक्षित के विकास कार्यों की याद दिला रहे हैं, लेकिन पार्टी का गिरता जनाधार उनके लिए परेशानी खड़ी कर रहा है। हालांकि, कांग्रेस अगर अच्छा प्रदर्शन करती है, तब वहां आम आदमी पार्टी के लिए खतरा बढ़ा सकती है।
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