जीरो टैक्स के दायरे में भोपाल सहित प्रदेश के 60 हजार आयकरदाता आएंगे
भोपाल । केन्द्र सरकार ने अभी अपने बजट में 12 लाख तक की आय को टैक्स मुक्त करने की घोषणा की है, जिसके बाद वित्त विशेषज्ञ गुणा-भाग करने में जुटे हैं कि इससे वाकई कितना लाभ मिलेगा। दूसरी तरफ आयकर विभाग का अनुमान है कि जीरो टैक्स के दायरे में भोपाल सहित प्रदेश के 60 हजार आयकरदाता आएंगे, जिससे विभागीय आय में भी कमी होगी। मध्यप्रदेश में आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या 36 लाख बताई गई है।
मोदी सरकार ने मध्यम वर्ग को लाभान्वित करने का दावा भी इस छूट के साथ किया है। हालांकि यह बात अलग है कि 90 फीसदी से अधिक मध्यमवर्गीय परिवारों द्वारा आयकर रिटर्न ही नहीं भरा जाता है। वैसे भी देशभर में 7 से 8 फीसदी लोग ही रिटर्न जमा करते हैं। अभी जो 12 लाख तक की आय को जीरो टैक्स के तहत बताया जा रहा है, जिस पर 75 हजार रुपए स्टैंडर्ड डिडक्शन लिमिट की घोषणा की गई है, इसके दायरे में मध्यप्रदेश के लगभग 60 हजार से अधिक करदाता आ रहे हैं। आगामी वित्त वर्ष 2025-26 में यह नया आयकर स्लैब लागू होगा, जिसमें उक्त लाभ मिलेगा और आयकरदाताओं की संख्या भी घटेगी। वैसे तो प्रदेश में 36 लाख आयकर रिटर्न जमा इस वित्त वर्ष में किए गए। हालांकि उसमें से भी 7 से 8 लाख करदाता ही ऐसे हैं जो आयकर जमा करते हैं। शेष 75 फीसदी से अधिक जीरो रिटर्न के साथ अपना आईटीआर जमा कराते हैं। इस वित्त वर्ष में आयकर विभाग को 37,300 करोड़ रुपए का टैक्स मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से जुटाना है, जिसके चलते शेष बचे दो माह में आयकर विभाग सर्वे और छापे की कार्रवाइयों को भी अंजाम देता है। अभी बोगस रिफंड क्लैम का भी एक बड़ा मामला दोनों राज्यों में पकड़ाया, जिसमें 87 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का खुलासा हुआ है और इसमें इंदौर के राऊ क्षेत्र में भी 1321 बोगस रीफंड क्लैम के मामले सामने आए हैं। कुल 4 हजार से अधिक ऐसे मामले उजागर हुए हैं।
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