कोर्ट ने सौरभ, चेतन और शरद को 17 फरवरी तक रिमांड पर सौंप दिया
भोपाल। मध्य प्रदेश में परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके साथी चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद थे। अब ईडी ने तीनों से पूछताछ के लिये उनका रिमांड मांगा था। ईडी ने विशेष न्यायाधीश के समक्ष याचिका लगाकर प्रोटेक्शन वारंट मांगा था, ईडी का कहना है, कि तीनों जेल में बंद हैं, उनसे पूछताछ के लिए ईडी के सुपुर्द किया जाए। इसके बाद कोर्ट ने ईडी की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय जेल अधीक्षक को आरोपियों को पहले कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद तीनो को अदालत मे पेश किया गया। लंबी बहस के बाद कोर्ट ने सौरभ, चेतन और शरद को 17 फरवरी तक रिमांड पर सौंप दिया है। अब तीनों से अवैध संपत्ति के मामले में पूछताछ की जायेगी। गौरतलब है की सौरभ शर्मा शरद जायसवाल और चेतन सिंह गौर से लोकायुक्त की टीम लंबी पूछताछ कर चुकी है, लेकिन अब तक इस मामले में कोई बड़ा खुलासा नहीं हुआ है। वहीं कई सवाल ऐसे हैं, जिनका खुलासा होना बाकी है। इनमें सबसे अहम मेडोंरा के जंगल में मिली कार में सोना और कैश के संबध में जानकारी जुटाना है। अनुमान है की ईडी की पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। ईडी तीनों से मेंडोरी के जंगल से कार में मिले 52 किलो सोना, 11 करोड़ रुपए कैश समेत अन्य करोड़ों रुपए की संपत्ति के मामले में पूछताछ करेगी। ईडी द्वारा सौरभ शर्मा, चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल की गिरफ्तारी की आधिकारिक सूचना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X )पर पोस्ट के माध्यम से दी गई। यह गिरफ्तारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट 2002 (पीएमएलए) के तहत की गई है।
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