प्रधानमंत्री की संवेदना से खिला एक पल — एक बेटी की कला को मिला आदर और अपनापन
रायपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मोहभट्ठा ग्राम में आयोजित आमसभा और लोकार्पण-शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के दौरान एक ऐसा मानवीय और भावनात्मक पल आया, जिसे सभा में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति ने देखा और दिल से सराहा।
जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच से जनसभा को संबोधित कर रहे थे, तभी उनकी नजर एक बालिका पर पड़ी, जो उनकी पेंटिंग हाथ में उठाकर काफी देर से खड़ी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसकी भावना को समझा, और मंच से ही उन्होंने कहा "वहाँ एक बेटी पेंटिंग बना के लाई हैं, बेचारी कब से हाथ ऊपर रखे खड़ी हैं। मैं ज़रा सिक्योरिटी वालों से कहूंगा। उस बेटी को... पेंटिंग के पीछे बेटा नाम-पता लिख देना, मैं आपको चिट्ठी भेजूंगा। जरा इस पेंटिंग को कोई कलेक्ट करके मेरे तक पहुंचा दे। बहुत-बहुत धन्यवाद बेटा, बहुत धन्यवाद।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस आत्मीयता भरी पहल से वहां मौजूद जनता की तालियों की गड़गड़ाहट से सभास्थल गूंज उठा। यह घटना प्रधानमंत्री मोदी की सरलता और संवेदनशील स्वभाव को दर्शाती है, जिससे वे हमेशा जनता के दिलों में विशेष स्थान बनाए रखते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये बातें न सिर्फ उस बच्ची के चेहरे पर मुस्कान ले आईं, बल्कि वहाँ मौजूद हजारों लोगों के मन को भी छू गईं। इस दृश्य ने यह भी दर्शाया कि यदि बच्चे की प्रतिभा को सही समय पर सही व्यक्ति से सराहना मिले, तो उसके मन में आत्मविश्वास और प्रेरणा के दीप जलते है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह छोटा-सा लेकिन भावनाओं से भरा कदम, "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" जैसे अभियानों को और भी अधिक मानवीय अर्थ प्रदान करता है। यह प्रतिभा का सम्मान था - और वह सम्मान मिला देश के सर्वोच्च नेता के हाथों से।
एक बेटी की कला, एक प्रधानमंत्री की संवेदना – यही है नया भारत।
क्या सूर्यवंशी तोड़ पाएंगे बुमराह की गेंदों का जाल?
बाजार में गिरावट के बीच गोल्ड-सिल्वर में हलचल, क्या हैं आज के भाव
पाकिस्तान को खुली चेतावनी: Rajnath Singh का दोटूक जवाब—‘कोशिश करके देख लो’
क्या राघव चड्ढा बीजेपी में जाएंगे? जानें नियम और राजनीतिक पहलू
झोपड़ी में चल रहे अवैध लिंग परीक्षण का खुलासा, आरोपी अभी फरार, राहगीर ने बढ़ाया सच सामने
चांद के करीब इंसानों का सफर शुरू, नासा ने लॉन्च किया आर्टेमिस-2 मिशन