रातभर डर और अंधेरे में जूझे सैलानी, फिर आई राहत की किरण
छिंदवाड़ा । तामिया क्षेत्र में महाराष्ट्र के अमरावती और नागपुर से पचमढ़ी घूमने आए डोगने और दलाल परिवार के लिए वापसी का सफर डरावना अनुभव बन गया। रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात करीब 16 सदस्यीय पर्यटक परिवार का वाहन अचानक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के रैनीखेड़ा जंगल क्षेत्र में खराब हो गया। वाहन का अल्टीनेटर फेल हो गया जिससे लाइट बंद हो गई और वाहन आगे नहीं बढ़ सका। परिवार में महिलाएं और बच्चे भी मौजूद थे, ऐसे में घुप अंधेरे और सुनसान जंगल के बीच वाहन के रुकने से हड़कंप मच गया। पर्यटकों ने तत्काल डायल-100 पर कॉल कर मदद मांगी। सूचना मिलते ही झिरपा पुलिस ने तत्परता दिखाई और रेस्क्यू टीम रात में ही रवाना की गई।
झिरपा पुलिस चौकी प्रभारी रविन्द्र पवार के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक दिनेश यादव, आरक्षक मयंक पटेल, पायलट संजय चौबे और ग्राम रक्षा समिति के सक्रिय सदस्य सोनू विश्वकर्मा ने जंगल के भीतर जाकर सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला और झिरपा लाया। इस बीच भोपाल कंट्रोल रूम से भी माहुलझिर थाने को जानकारी दी गई, जिसके बाद टाइगर रिजर्व के जिम्मेदारों को भी सतर्क किया गया। राहत की बात रही कि पूरी रेस्क्यू प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और सभी 16 पर्यटकों को कोई नुकसान नहीं हुआ। बाद में पर्यटक परिवार को वैकल्पिक सवारी की व्यवस्था कर नागपुर के लिए रवाना किया गया।
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