ट्रेन रोकना पड़ा महंगा, भोपाल मंडल में दर्ज हुए 3300 मामले
भोपाल। भोपाल रेल मंडल ने पिछले 7 महीने में 3300 मामले सामने आए हैं. इनमें से 2981 यात्रियों को पकड़कर का रेलवे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने इन लोगों पर जुर्माना लगाया है। वहीं 402 मामलों के संबंध में जांच जारी है। अब तक 12 से अधिक यात्रियों को कारावास की सजा सुनाई है।
एक बार चेन पुलिंग से 5 मिनट लेट होती है ट्रेन
बिना ट्रेन की चेन पुलिंग करने पर हर बार ट्रेन 5 मिनट देर होती है। यात्री टिकट चेकिंग से बचने के लिए ट्रेन की चेन पुलिंग रेलवे स्टेशन के आउटर में करते हैं। इसके अलावा देरी से स्टेशन पहुंचने पर ट्रेन में बैठा साथी चेन पुलिंग कर देता है, नींद में डेस्टिनेशन छूटना या गलत ट्रेन में चढ़ना जैसे कारण शामिल हैं।
रेल यातायात में पड़ता है असर
ट्रेन में चेन पुलिंग बार-बार होने से ट्रेन यातायात पर इसका असर देखने को मिलता है। ट्रेन देरी से चलती हैं यात्री देरी से अपने डेस्टिनेशन स्टेशन पर पहुंचते हैं। इसका असर पूरे रेल सिस्टम पर पड़ता है भोपाल रेल मंडल में RPF ने रेल अधिनियम की धारा 141 के तहत 100 प्रतिशत मामलों में यात्रियों को पकड़ा और उन पर जुर्माना लगाया और सजा दी थी।
एक साल की कैद हो सकती है
ट्रेन की हर बोगी में एक चेन लगी होती है, जिसे पुल या खींचने पर ट्रेन रुक जाती है। इसके साथ ही एक मैसेज लिखा होता है कि गाड़ी खड़ी करने के लिए जंजीर खींचिए। उचित और पर्याप्त कारण के बिना जंजीर खींचने की सजा 1000 रुपये तक जुर्माना और एक साल की कैद है।
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