शादी का सर्टिफिकेट लाओ, तभी मिलेगा घर'—दिव्यांग से प्रशासन की अजीब मांग
गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत लाभ लेने पहुंचे एक दिव्यांग युवक के सामने ऐसी अजीब शर्त रख दी गई, जिसने सभी को चौंका दिया। नगर परिषद अधिकारियों ने कहा कि यदि वह तीन दिन के भीतर शादी नहीं करता है, तो उसका आवास निरस्त कर दिया जाएगा।
यह मामला जिले के आरोन कस्बे का है, जहां वार्ड नंबर-15 निवासी पवन अहिरवार, जो शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं, ने पीएम आवास के लिए आवेदन किया था। पवन के मुताबिक, नगर परिषद आरोन ने उन्हें एक नोटिस जारी किया, जिसमें साफ लिखा था। आप अविवाहित पाए गए हैं, अतः मप्र शासन नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय भोपाल, पीएम आवास शहरी 2.0 की कंडिका 3.1.1 एवं 3.1.2 के अंतर्गत आपका आवेदन अपात्र की श्रेणी में आता है। तीन दिवस के भीतर प्रमाण प्रस्तुत करें।
पवन का कहना है कि इस अजीबोगरीब शर्त से वह मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि मैं अपनी परिस्थितियों के कारण शादी नहीं कर पाया, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मुझे घर का हक ही न मिले। पवन ने इस नोटिस की शिकायत लेकर सीधे कलेक्टर कार्यालय का रुख किया और न्याय की मांग की। दिव्यांग युवक का सवाल है कि जब योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद को पक्का मकान देना है, तो अविवाहित होने पर पात्रता क्यों छीनी जा रही है? उन्होंने कहा कि योजना की गाइडलाइन में ऐसा कोई नियम नहीं है।
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