भारतीय रेलवे का सख्त फैसला: लिमिट से ज्यादा सामान पर 6 गुना पेनल्टी
नई दिल्ली: अब आप ट्रेन के जनरल कोच में 35 किलो तक ही सामान ले जा सकेंगे। वहीं स्लीपर क्लास में 40 किलो और एसी फस्र्ट क्लास में 70 किलो तक की अनुमति है। इसके अलावा यात्रियों को लगेज के साइज पर भी ध्यान देना होगा। अगर सामान का इसका बाहरी माप एक मीटर & एक मीटर & 0.7 मीटर से ज्यादा है, तो इसे भारी माना जाएगा और इसपर चार्ज देना होगा। रेलवे के प्रस्तावित नियमों के मुताबिक यात्रियों को प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर अपने सामान को इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीनों से तौलना होगा और अनुमति दी गई वजन सीमा का सख्ती से पालन करना होगा। अगर कोई यात्री तय सीमा से ज्यादा वजन वाला सामान या फिर वजन कम होने के बावजूद बहुत बड़ा सामान ले जाता है, तो उसे अतिरिक्त चार्ज या पेनल्टी देनी होगी।
ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को अब अपने लगेज (बैग और कार्टन) के वजन के साथ उसके साइज पर भी ध्यान देना होगा। अगर बैग हल्का है, लेकिन बड़े साइज और ज्यादा जगह घेरने वाला है, तो टिकट के साथ आपको सामान की बुकिंग भी करानी होगी। अगर आपने लगेज की प्री-बुकिंग नहीं कराई, तो तय शुल्क से छह गुना तक एक्स्ट्रा चार्ज और फाइन भी देना पड़ सकता है। भारतीय रेलवे ने देश के सभी जोन में एंट्री और एग्जिट गेट पर वजन करने वाली मशीनें लगाना शुरू कर दिया है। फिलहाल यह नया नियम कुछ बड़े स्टेशनों जैसे कि कानपुर सेंट्रल, मिर्जापुर, अलीगढ़, प्रयागराज जंक्शन और टुंडला स्टेशन पर लागू किया गया है। रेलवे धीरे-धीरे इसे पूरे देश के प्रमुख स्टेशनों पर लागू करने की तैयारी कर रहा है।
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