कानून के रखवालों पर हमला – तहसीलदार ने वकील को थाने के बजाय कमरे में बंद कर पीटा
शहडोल: बीती शाम मुख्यालय की तहसील सोहागपुर में तहसीलदार के पास एक वकील जमानत के लिए गए थे। इस दौरान तहसीलदार और वकील के बीच बहस हो गई। तहसीलदार ने वकील को कमरा बंद करवा कर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से पिटवाया। मामले में राजस्व अधिवक्ता संघ ने सोहागपुर तहसीलदार को हटाने के लिए शहडोल कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर अपना विरोध जताया है। अधिवक्ता संघ ने कहा है कि यदि तहसीलदार को हटाया नहीं गया तो सोमवार से राजस्व विभाग के न्यायालय प्रकरणों का अधिवक्ता संघ बहिष्कार करेगा।
तहसीलदार ने मारपीट की
दरअसल, तहसीलदार सुमित गुर्जर के ऊपर राजस्व अधिवक्ता रविन्द्र जायसवाल के साथ मारपीट का आरोप लगा है। इस मामले की राजस्व अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी ने कलेक्टर के यहां जाकर लिखित शिकायत की है और विरोध जताया है।
शिकायत लेकर पहुंचे थे अधिवक्ता
3 सितंबर की शाम को रविन्द्र जायसवाल नाम के वकील 151 के मामले में अपने पेशेवर कार्य को लेकर सोहागपुर तहसीलदार सुमित गुर्जर के पास गए थे। उसी समय जमानत के प्रकरण में तहसीलदार और वकील के बीच बहस हो गई। मामला मारपीट तक पहुंच गया।
ऐसे बढ़ा विवाद
राजस्व अधिवक्ता रविंद्र जायसवाल ने बताया कि मैं शाम 5:00 बजे एक प्रकरण में तहसीलदार कार्य के पास जमानत के लिए गया था। तहसीलदार ने कहा कि आप मेमो लगा दीजिए। यह कहने के बाद तहसीलदार किसी कार्य से कलेक्टर कार्यालय की ट्रेजरी चले गए। मेरे द्वारा वहां बैठे अन्य दो नायब तहसीलदारों से जमानत देने के लिए कहा तो उन्होंने कहा कि तहसीलदार साहब आकर ही इस मामले को देखेंगे। तहसीलदार साहब जब शाम को 6:00 बजे कार्यालय आए तो मैंने उनसे जमानत के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अब शाम के 6:00 बज गए हैं। अब मैं कुछ नहीं करूंगा। इसी बात को लेकर बहस हो गई। इसके बाद तहसीलदार ने स्टाफ को बुलवाकर कैमरा बंद करके मेरे साथ मारपीट की।
कलेक्टर से की शिकायत
वकील के साथ हुई मारपीट को लेकर राजस्व अधिवक्ता संघ ने गंभीरता से लिया। राजस्व अधिवक्ता संघ के सभी वकील लमबंद होकर शहडोल कलेक्टर केदार सिंह के पास पहुंचे। उन्हें ज्ञापन देकर पूरे मामले से अवगत कराया। वकील के साथ हुई मारपीट को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। राजस्व अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नव दुर्गेश मिश्रा ने कहा कि संघ के सदस्य रविंद्र जायसवाल के साथ अभद्र व्यवहार एवं मारपीट की गई है। इस विषय पर शहडोल कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर तहसीलदार को हटाने के लिए कहा गया है। यदि तहसीलदार को हटाया नहीं गया तो 8 सितंबर से राजस्व के प्रकरणों का अधिवक्ता बहिष्कार करेंगे।शहडोल कलेक्टर केदार सिंह का कहना है कि अधिवक्ताओं ने ज्ञापन सौंपा है। दो दिन में जांच करवा कर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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