प्राचीन पांडुलिपियों को मिलेगा डिजिटल संरक्षण , भारत की ज्ञान परंपरा बनेगी वैश्विक धरोहर
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राजधानी में आयोजित ज्ञान भारतम् अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए ‘ज्ञान भारतम् पोर्टल’ का शुभारंभ किया। यह डिजिटल मंच प्राचीन पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण, संरक्षण और सार्वजनिक पहुंच को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है।
पोर्टल का उद्देश्य
ज्ञान भारतम् पोर्टल का लक्ष्य भारत की प्राचीन ज्ञान परंपराओं को संरक्षित करना और उन्हें वैश्विक स्तर पर सुलभ बनाना है। इस पहल के जरिए दुर्लभ ग्रंथ न केवल शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों तक, बल्कि आम जनता तक भी पहुंच सकेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि यह पोर्टल युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को दुनिया के सामने पेश करेगा। उन्होंने प्राचीन भारतीय ग्रंथों में निहित वैज्ञानिक, दार्शनिक और आध्यात्मिक ज्ञान की आधुनिक समय में प्रासंगिकता पर भी जोर दिया।
विद्वानों ने की भागीदारी
सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वानों ने भाग लिया और भारत की ज्ञान परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन पर विचार साझा किए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत को वैश्विक बौद्धिक नेतृत्व स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी।
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