मुंबई हमले पर चिदंबरम का बड़ा कुबूलनामा, अमेरिका ने हमें जवाबी कार्रवाई से रोका, BJP बोली- बहुत देर कर दी
नई दिल्ली. कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री (Former Union Home Minister) पी चिदंबरम (P Chidambaram) ने खुलासा किया है कि तत्कालीन यूपीए सरकार (UPA government) ने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव और विदेश मंत्रालय के रुख की वजह से पाकिस्तान (Pakistan) पर जवाबी कार्रवाई न करने का फैसला किया था. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने स्वीकार किया कि ‘मेरे मन में बदला लेने का विचार आया था’, लेकिन सरकार ने सैन्य कार्रवाई न करने का फैसला किया.
दिल्ली आईं थी अमेरिकी विदेश मंत्री
उनके बयान की बीजेपी नेताओं ने तीखी आलोचना की है और कहा कि यह कुबूलनामा ‘बहुत कम और बहुत देर से आया’ है. एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में चिदंबरम ने कहा, ‘पूरी दुनिया दिल्ली में यह कहने आई थी कि ‘युद्ध शुरू मत करो’. उन्होंने आतंकवादी हमलों के कुछ ही दिन बाद केंद्रीय गृह मंत्री का पदभार संभाला था, जिसमें 175 लोगों की जान चली गई थी.
उन्होंने स्वीकार किया, ‘कोंडोलीजा राइस, जो उस समय अमेरिकी विदेश मंत्री थीं, मेरे कार्यभार संभालने के दो-तीन दिन बाद मुझसे और प्रधानमंत्री से मिलने आईं. और कहा, ‘कृपया प्रतिक्रिया न दें’. मैंने कहा कि यह एक ऐसा फैसला है जो सरकार लेगी. बिना कोई आधिकारिक राज़ बताए, मेरे मन में यह विचार आया कि हमें बदले की कार्रवाई करनी चाहिए.’ चिदंबरम ने आगे कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री और ‘अन्य अहम लोगों’ के साथ संभावित जवाबी कार्रवाई पर चर्चा की.
पाकिस्तानी आतंकियों ने किया था हमला
उन्होंने याद करते हुए कहा, ‘जब हमला हो रहा था, तब भी प्रधानमंत्री ने इस पर चर्चा की थी और निष्कर्ष यह था कि, जो काफी हद तक विदेश मंत्रालय और आईएफएस से प्रभावित था, हमें स्थिति पर शारीरिक प्रतिक्रिया नहीं करनी चाहिए.’
26 नवंबर, 2008 को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों के एक ग्रुप ने छत्रपति शिवाजी महाराज रेलवे स्टेशन, ओबेरॉय ट्राइडेंट, ताज महल पैलेस एंड टावर होटल, लियोपोल्ड कैफ़े, कामा अस्पताल और नरीमन हाउस पर हमले किए. मुंबई पुलिस की ओर से पकड़े गए आतंकवादियों में से एक, अजमल कसाब को 2012 में फांसी दे दी गई थी.
बीजेपी का तीखा पलटवार
वरिष्ठ कांग्रेस नेता की टिप्पणी बीजेपी नेताओं को रास नहीं आई और उन्होंने इस कुबूलनामे के लिए उनकी आलोचना की. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि पूर्व गृह मंत्री ने स्वीकार किया है कि देश पहले से ही जानता था कि मुंबई हमलों को ‘विदेशी ताकतों के दबाव के कारण गलत तरीके से संभाला गया था.’
टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि चिदंबरम मुंबई हमलों के मद्देनजर शुरू में गृह मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के लिए तैयार नहीं थे, वह पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई चाहते थे, लेकिन ‘दूसरों का दबदबा रहा.’
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी या तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस कदम को रोका था, और दावा किया कि ऐसा लगता है कि यूपीए सरकार कोंडोलीज़ा राइस के प्रभाव में काम कर रही थी. पूनावाला ने पूछा, ‘यूपीए उनसे आदेश क्यों ले रहा था? सोनिया गांधी गृह मंत्री पर क्यों हावी हो गईं?’
उन्होंने कांग्रेस पर मुंबई हमलों और 2007 समझौता एक्सप्रेस बम धमाकों पर पाकिस्तान को ‘क्लीन चिट’ देने और साथ ही ‘हिंदू आतंकवाद’ की कहानी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. उन्होंने बार-बार आतंकवादी हमलों के बावजूद पाकिस्तान को सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र (एमएफएन) का दर्जा देने के लिए यूपीए सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि कांग्रेस को इस्लामाबाद के खिलाफ नई दिल्ली की सैन्य कार्रवाई को लेकर अब भी शक है.
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