सिर्फ एक पोटली से बदल जाएगी किस्मत! लक्ष्मी-नारायण रहेंगे सालभर खुश, घर में बरसेगी दौलत
हिंदू धर्म में हर तिथि हर वार का अत्यधिक महत्व शास्त्रों में बताया गया है. उन्हीं तिथियों में से कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है. इस दिन विशेष रूप से आंवले के पेड़ का पूजन होता है. अगर आंवला नवमी के दिन कुछ विशेष उपाय कर लिए जाएं तो सालभर लक्ष्मी-नारायण प्रसन्न रहते हैं.
वैदिक पंचांग के अनुसार, 30 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 6 मिनट पर कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि शुरू होकर 31 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 03 मिनट पर समाप्त होगी. इसके बाद कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि शुरू होगी. इस अनुसार उदयातिथि के अनुसार 31 अक्टूबर को आंवला नवमी मनाई जाएगी
आंवला नवमी पर जरूर करें यह उपाय
1. लक्ष्मी नारायण की कृपा पाने के लिए इस दिन आंवला के वृक्ष की कपूर और घी के दीपक से आरती करें और 108 बार परिक्रमा करें. इसके साथ ही आंवला के वृक्ष के नीचे ब्राह्मण, गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं. साथ ही खुद भी वृक्ष के पास भोजन करें. ऐसा करने से माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्ति होती है और परिवार के सदस्यों की उन्नति भी होती है.
2. अक्षय नवमी के दिन आंवले के पेड़ की पूजा करें और फिर एक पीला कपड़ा लें. उसमें 4 आंवले जो एक दिन पहले के तोड़े हुए हैं उन्हें उस कपड़े में रख लें. इसके बाद उस पोटली को तांबे या पीतल के बर्तन में रख कर अपने बेडरूम की अलमारी में रख लें. हर माह के शुक्ल पक्ष की नवमी को आंवले बदलें. ऐसा सिर्फ आपको 5 नवमी तिथियों तक करना है. इससे आपको लाभ दिखने लगेगा.
3. अगर पारिवारिक कलह मचा हुआ है तो, अक्षय नवमी के दिन तिल के तेल का दीया जलाकर उससे आंवले के पेड़ की पूजा करें और आरती उतारें. फिर इसके बाद उस दीपक में अपने और अपने जीवनसाथी से 5 कपूर उसार कर डाल दें और दीपक को आंवले के पेड़ के नीचे रखकर घर आ जाएं. ध्यान रहे कि इस उपाय को पति-पत्नी को साथ में करना है तभी इसका शुभ फल प्राप्त होगा और वैवाहिक जीवन में खुशहाली आएगी.
4. अक्षय नवमी के दिन आंवले के पौधे का दान करना बहुत उत्तम माना गया है. इसके साथ ही आप भी अपने घर की उत्तर दिशा में आंवला का वृक्ष लगाएं. अगर उत्तर दिशा में पौधा लगाना संभव नहीं है तो पूर्व दिशा में भी लगा सकते हैं. ऐसा करने से वास्तु दोष दूर होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है, जिससे परिवार के सभी सदस्यों की समस्याएं दूर होती हैं.
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