US Tariff: रूसी तेल की आड़ में भारत को निशाना बनाना गलत, ट्रंप की नीति पर अमेरिकी सांसद की आलोचना
अमेरिका के वरिष्ठ सांसद ब्रैड शेरमन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस नीति की आलोचना की है, जिसमें भारत द्वारा रूसी तेल खरीद के मुद्दे पर टैरिफ लगाए जाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि ट्रंप भारत पर अनुचित और भारी टैरिफ लगाने के लिए बहाने ढूंढ रहे हैं और इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
हंगरी अपने कच्चे तेल का करीब 90 प्रतिशत रूस से करता है आयात
हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी और हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी के सदस्य शेरमन ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का दावा है कि भारत पर टैरिफ का कारण रूस से तेल आयात है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि हंगरी अपने कच्चे तेल का करीब 90 प्रतिशत रूस से आयात करता है, फिर भी उस पर ऐसे टैरिफ नहीं लगाए गए। वहीं, रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार चीन भी इस आधार पर प्रतिबंधों का सामना नहीं कर रहा है।
भारत को अलग तरीके से बनाया जा रहा निशाना
शेरमन ने कहा कि भारत रूस से केवल लगभग 21 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, इसके बावजूद एक सहयोगी देश को अलग तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रपति से इस नीति को तुरंत पलटने की मांग की। इस महीने की शुरुआत में अमेरिका और भारत ने एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति जताई थी, जिसके बाद ट्रंप ने भारत द्वारा रूसी तेल खरीद पर लगाए गए 25 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ को हटाने से संबंधित एक कार्यकारी आदेश जारी किया। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा था कि नई दिल्ली ने सीधे या परोक्ष रूप से मॉस्को से ऊर्जा आयात कम करने और अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है। इस व्यापार समझौते के तहत वॉशिंगटन ने भारत पर लगाए जाने वाले पारस्परिक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है।
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