रामनवमी पर बन रहा अद्भुत संयोग! इस पत्ते का भोग दिलाएगा तरक्की, फिर नहीं मिलेगा मौका
मर्यादा पुरुषोत्तम राम का जन्मोत्सव देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है. अयोध्या से लेकर काशी तक इस दिन देशभर के राम मंदिरों में आस्थावानों की भीड़ होती है. वैदिक हिन्दू पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को ‘रामनवमी’ का महापर्व मनाया जाता है. त्रेता युग में इस दिन ही अभिजीत मुहूर्त में कौशल्या के गर्भ से प्रभु श्री राम का जन्म हुआ था. इस बार राम नवमी के महापर्व पर ग्रह नक्षत्रों का अद्भुत संयोग भी बन रहा है, जो इस दिन को बेहद खास बनाता है. वैदिक पंचांग के मुताबिक, चैत्र शुक्ल नवमी तिथि की शुरुआत 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 49 मिनट पर हो रही है, जो अगले दिन यानी 27 मार्च को सुबह 10 बजकर 07 मिनट तक रहेगा. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार रामनवमी के महापर्व 27 मार्च को मनाया जाएगा. इस दिन पुनर्वसु और पुष्य नक्षत्र के साथ अतिगण्ड योग का महासंयोग बन रहा है. दोपहर में चंद्रमा कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं.
40 मिनट का समय सबसे शुभ
बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी के ज्योतिष डिपार्टमेंट के प्रोफेसर पंडित सुभाष पांडेय बताते है कि 27 मार्च को अभिजीत मुहूर्त का समय दोपहर 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक है. इसी शुभ मुहूर्त में प्रभु श्रीराम का जन्म होगा और रामभक्त उनका जन्मोत्सव मनाएंगे. इस दिन कुछ आसान प्रयोग से मनुष्य अपने जीवन को खुशहाली से भर सकता है.
निगेटिव ऊर्जा समाप्त
इस दिन अखंड रामायण का पाठ करना बेहद शुभकारी माना जाता है. इससे घर की निगेटिव ऊर्जा समाप्त होती है. इस दिन हो सके तो ब्राह्मणों को श्रीरामचरितमानस की पुस्तक का दान भी करना चाहिए. इससे जीवन के अनजान संकट दूर होते हैं. रामनवमी के दिन तुलसी के माले का दान करना भी बेहद चमत्कारिक होता है. इससे माता लक्ष्मी की कृपा जातकों पर बरसती है और मनुष्य को धन, वैभव और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है. इस दिन रामभक्त हनुमान की पूजा से भी जीवन के सभी कष्ट और क्लेश दूर होते हैं. संकट मोचन हनुमान जी को तुलसी के पत्ते का भोग जरूर लगाएं. इससे शारीरिक कष्ट भी दूर होते हैं.
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