सीजफायर की आड़ में हमले, UAE-कुवैत और ईरान में बड़े सुरक्षा हादसे
ईरान के साथ चल युद्ध के बीच अमेरिका के नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर के निदेशक पद से इस्तीफा देने वाले जो केंट ने सीजफायर को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अगर इस युद्धविराम को सफल बनाना है तो सबसे पहले यह जरूरी है कि इजरायल को संयम में रखा जाए. उनका कहना है कि सिर्फ सीजफायर का ऐलान कर देना ही काफी नहीं होता, बल्कि उसे सही तरीके से लागू करना ज्यादा अहम होता है. अगर किसी भी पक्ष की ओर से हमले जारी रहते हैं तो यह समझौता कमजोर पड़ सकता है.
जो केंट का बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि मौजूदा हालात में इजरायल की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. अगर वह अपने सैन्य कदमों को नियंत्रित रखता है तो बातचीत आगे बढ़ सकती है और तनाव कम होने की संभावना बढ़ जाती है. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के लिए सीजफायर लागू किया गया है और क्षेत्र में शांति लाने की कोशिशें जारी हैं.
अमेरिका और ईरान युद्ध की शुरुआत
अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था. हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई समेत कई नेताओं की मौत हो गई थी.उस हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मिडिल ईस्ट के कई देशों में स्थिति अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया था, जिसमें बहरीन, कुवैत, दुबई शामिल था. इस जंग की शुरुआत से वैश्विक स्तर पर गैस और तेल की किल्लत भी हो गई थी. इसका सबसे बड़ा कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना था. ये ऐसा रास्ता है, जिसके माध्यम से दुनिया का 20 फीसदी तेल ट्रांसपोर्ट किया जाता है.
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