लखनऊ|उत्तर प्रदेश में अब पछुआ हवाओं की रफ्तार धीमी पड़ने लगी है और इसके साथ ही भीषण गर्मी की दस्तक साफ महसूस होने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार के बाद एक सप्ताह के भीतर तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की बढ़ोतरी होगी, जिससे बैसाख की तपिश भरी गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा। खेतों में गेहूं की कटाई कर रहे किसान पहले से ही बढ़ती गर्मी से परेशान हैं।

रविवार को प्रयागराज 39.8 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जबकि वाराणसी 39.3 डिग्री के साथ दूसरे स्थान पर रहा। वहीं बांदा में रात का तापमान 25.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो सबसे अधिक रहा। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक अगले दस दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। आसमान साफ रहने और हवाओं के कमजोर पड़ने से दिन और रात दोनों के तापमान में लगातार वृद्धि होगी।

उन्होंने बताया कि किसी सक्रिय मौसम तंत्र के अभाव में आने वाले दिनों में कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। इससे गर्मी का असर और तीखा होगा तथा लू जैसी परिस्थितियां बनने की भी आशंका है।

पछुआ के सुस्त पड़ते ही चुभने लगी धूप

राजधानी में तापमान के बढ़ने का सिलसिला जारी है। रविवार को पछुआ की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी और धूप चुभने लगी। बृहस्पतिवार से रविवार के बीच तीन दिन में दिन के तापमान में छह डिग्री से ज्यादा का उछाल आया है।मौसम विभाग का कहना है कि मंगलवार को पछुआ की रफ्तार थमने के बाद एक हफ्ते में राजधानी के औसत तापमान में तीन से चार डिग्री की बढ़त देखने को मिलेगी। जल्द ही अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है।आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक आसमान साफ रहने और हवाओं के कमजोर पड़ने से दिन और रात के तापमान में लगातार वृद्धि होगी। रविवार को अधिकतम तापमान 1.3 डिग्री की बढ़त के साथ 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। रात का पारा 1.6 डिग्री की बढ़त के साथ 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।