शाम 4:30 बजे तय होगा भविष्य: केजरीवाल की अर्जी पर दिल्ली हाईकोर्ट सुनाएगा फैसला
नई दिल्ली। दिल्ली आबकारी नीति मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की रिक्यूजल (Recusal) याचिका पर आज दिल्ली हाईकोर्ट अपना फैसला सुनाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए केजरीवाल ने अदालत से अपना जवाबी हलफनामा रिकॉर्ड पर लेने की गुहार लगाई, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
केजरीवाल का 'कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट' का दावा
केजरीवाल ने नए हलफनामे में दावा किया कि न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के बच्चे केंद्र सरकार के पैनल में वकील हैं, जिन्हें सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के माध्यम से काम मिलता है। आरटीआई दस्तावेजों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति के बेटे को पिछले तीन वर्षों में हजारों केस आवंटित किए गए। केजरीवाल के अनुसार, यह 'डायरेक्ट कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट' है, इसलिए जज को खुद को इस मामले से अलग कर लेना चाहिए।
सीबीआई और सॉलिसिटर जनरल का विरोध
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अतिरिक्त हलफनामे का विरोध करते हुए कहा कि फैसला सुरक्षित होने के बाद नया दस्तावेज पेश करना न्यायिक प्रक्रिया के खिलाफ है। वहीं, सीबीआई ने इसे अदालत पर दबाव बनाने की रणनीति बताया। सीबीआई के अनुसार, यदि इस तर्क को मान लिया जाए, तो देश के उन सभी जजों को सरकारी मामलों की सुनवाई से हटना पड़ेगा जिनके रिश्तेदार किसी सरकारी पैनल का हिस्सा हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि न्यायिक प्रक्रिया सभी के लिए समान है, लेकिन केजरीवाल के स्वयं पक्ष रखने के कारण उनका हलफनामा रिकॉर्ड पर लिया गया। इस मामले में आज शाम 4:30 बजे फैसला सुनाया जाना है।
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