मध्यप्रदेश में बुजुर्ग सुरक्षा संकट, कमलनाथ ने सरकार से सुरक्षा अभियान की मांग की
भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के ताजा आंकड़ों के जरिए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गहरा प्रहार किया है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश लगातार तीसरे साल भी बुजुर्गों के लिए देश का सबसे असुरक्षित राज्य बना हुआ है, जो प्रदेश की छवि पर एक गंभीर दाग है। कमलनाथ ने उन दुखद घटनाओं का भी उल्लेख किया जहां पेंशन जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए अपनों ने ही बुजुर्गों के साथ मारपीट और अत्याचार किया। उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने और वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए विशेष सुरक्षा अभियान चलाने की पुरजोर मांग की है।
वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ बढ़ते जघन्य अपराध और सरकारी चुप्पी
मध्यप्रदेश में बुजुर्गों के विरुद्ध हो रहे अपराधों की फेहरिस्त अत्यंत लंबी और भयावह होती जा रही है जिसमें हत्या, हत्या के प्रयास, यौन उत्पीड़न, लूट और साइबर ठगी जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि केवल वर्ष 2024 में ही प्रदेश के भीतर 144 बुजुर्गों की हत्या कर दी गई, जो इस वर्ग के प्रति बढ़ती संवेदनहीनता और पुलिसिंग की विफलता को दर्शाता है। एनसीआरबी की रिपोर्ट यह स्पष्ट करती है कि पिछले तीन वर्षों से अपराधों का यह ग्राफ लगातार बढ़ रहा है और वर्ष 2024 में लगभग छह हजार मामले दर्ज होना स्थिति की गंभीरता को और अधिक बढ़ा देता है।
बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए विशेष जनजागरूकता अभियान की आवश्यकता
कांग्रेस नेता कमलनाथ ने इस विषय को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए कहा कि वरिष्ठ नागरिक अक्सर अपनी सुरक्षा करने या कानूनी लड़ाई लड़ने में शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम नहीं होते हैं। उन्होंने सरकार को सुझाव दिया कि पूरे प्रदेश में बुजुर्गों को केंद्रित कर एक बड़ा सुरक्षा अभियान शुरू किया जाना चाहिए जिसमें जनभागीदारी और सामाजिक कार्यकर्ताओं का सक्रिय सहयोग लिया जाए। इसके साथ ही स्कूलों और कार्यालयों में भी जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए ताकि समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान और सुरक्षा का भाव विकसित हो सके और मध्यप्रदेश के माथे से देश के सबसे असुरक्षित राज्य होने का कलंक मिटाया जा सके।
एनसीआरबी की रिपोर्ट में उजागर हुई कानून व्यवस्था की चुनौतियां
एनसीआरबी की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार पूरे देश में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ दर्ज कुल 31,067 मामलों में मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही है। रिपोर्ट का यह पहलू और भी डराने वाला है कि अकेले रहने वाले या अपने परिवारों से अलग-थलग पड़ चुके बुजुर्ग अपराधियों के निशाने पर सबसे ज्यादा रहते हैं। वरिष्ठ महिलाओं के साथ बढ़ते यौन अपराधों के मामलों ने भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। ये चिंताजनक आंकड़े संकेत देते हैं कि प्रदेश में बुजुर्गों के लिए जीवन यापन करना कठिन होता जा रहा है और अब समय आ गया है कि प्रशासन इन आंकड़ों को केवल कागजी न मानकर जमीनी स्तर पर ठोस सुरक्षा उपाय लागू करे।
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