बिजली नहीं, गर्मी बेहिसाब… आदिवासी परिवारों की मुश्किलें बढ़ीं
सूरजपुर: 9 महीनों से अंधेरे में अमूवारीपारा, सोलर प्लांट खराब होने से आदिवासी परिवारों की बढ़ी मुश्किलें
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के सुदूर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र चांदनी बिहारपुर में बिजली संकट गहरा गया है। ओड़गी विकासखंड के उमझर ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम अमूवारीपारा में लगा सोलर पावर प्लांट पिछले 9 महीनों से तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ा है। विभागीय अनदेखी के चलते यहाँ के ग्रामीण भीषण गर्मी और अंधेरे के बीच जीवन काटने को मजबूर हैं।
गर्मी का सितम और बच्चों की पढ़ाई पर असर
वर्तमान में क्षेत्र प्रचंड गर्मी और उमस की चपेट में है। बिजली गुल होने से ग्रामीणों को रात में भी चैन नहीं मिल रहा है। बिजली न होने का सबसे बुरा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मोबाइल चार्जिंग से लेकर दैनिक कामकाज तक सब कुछ ठप है। रात होते ही पूरा गांव अंधेरे के आगोश में समा जाता है, जिससे जंगली जानवरों के हमले का डर भी बना रहता है।
क्रेडा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
स्थानीय निवासी नरपति सिंह, महेंद्र सिंह और बीर सिंह समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। आरोप है कि क्रेडा (CREDA) विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ओड़गी ब्लॉक प्रभारी से संपर्क करने की कोशिश भी विफल रही।
कलेक्टर से गुहार: जल्द सुधार न होने पर आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने सूरजपुर कलेक्टर से अपील की है कि बंद पड़े प्लांट की तत्काल मरम्मत कराई जाए। भौगोलिक विषमताओं के कारण इस इलाके में पारंपरिक बिजली पहुंचना मुश्किल है, ऐसे में सोलर प्लांट ही एकमात्र सहारा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गांव को रोशन नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
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