नम आंखों के बीच प्रतीक का अंतिम संस्कार, ससुर ने दी मुखाग्नि
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बैकुंठधाम में आज प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान और भारी शोक के बीच संपन्न हुआ। गमगीन माहौल में अपर्णा यादव के पिता और प्रतीक के ससुर, अरविंद सिंह बिष्ट ने अपने दामाद की चिता को मुखाग्नि दी। जैसे ही चिता की अग्नि प्रज्वलित हुई, वहां मौजूद परिजनों और समर्थकों की आंखें नम हो गईं। अंतिम संस्कार के इस भावुक क्षण के दौरान पूरा यादव परिवार एकजुट नजर आया, जिसमें मुलायम सिंह यादव के बड़े बेटे अखिलेश यादव और चाचा शिवपाल सिंह यादव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
अपर्णा यादव का छलका दर्द, शिवपाल ने संभाली पोतियां
अंतिम विदाई के समय का दृश्य अत्यंत हृदयविदारक था। पति को अंतिम यात्रा पर भेजने से पहले अपर्णा यादव अपने धैर्य की सीमा खो बैठीं और फूट-फूटकर रो पड़ीं। उनकी इस व्यथा ने वहां मौजूद हर शख्स को झकझोर कर रख दिया। वहीं, परिवार के संकटमोचक कहे जाने वाले शिवपाल सिंह यादव इस दुख की घड़ी में प्रतीक की दोनों मासूम बेटियों का सहारा बने। उन्होंने दोनों बच्चियों को अपनी गोद में लेकर ढांढस बंधाया और पिता के साये से दूर होने के असहनीय दर्द के बीच उन्हें सांत्वना दी।
सियासी और सामाजिक चेहरों की उपस्थिति में अंतिम संस्कार
प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर जब बैकुंठधाम लाया गया, तो वहां बड़ी संख्या में शुभचिंतकों और कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच शव यात्रा में परिवार के सदस्यों ने कंधे दिए। अंतिम संस्कार के समय अरविंद सिंह बिष्ट द्वारा मुखाग्नि देने के निर्णय को सामाजिक मर्यादा और पारिवारिक आत्मीयता के प्रतीक के रूप में देखा गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान अखिलेश यादव और शिवपाल यादव की उपस्थिति ने परिवार की एकता को भी दर्शाया, जो इस बड़ी व्यक्तिगत क्षति के समय एक साथ खड़ा नजर आया।
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