कागजों में स्कूल, जमीन पर अवैध मदरसा: मंदसौर में नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले संस्थान पर कसेगा शिकंजा, FIR की तैयारी
मंदसौर | मध्य प्रदेश बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा के तीन दिवसीय जिला दौरे के दूसरे दिन (गुरुवार, 4 जून) एक बड़ा खुलासा हुआ है। बादाखेड़ी गांव में संचालित एक स्कूल का जब उन्होंने औचक निरीक्षण किया, तो वहां नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध रूप से मदरसा और हॉस्टल चलाया जा रहा था। मौके पर कागजी रिकॉर्ड से कहीं ज्यादा लड़कियां मौजूद मिलीं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सह-शिक्षा (को-एजुकेशन) की अनुमति होने के बावजूद वहां केवल एक विशेष वर्ग की छात्राओं को ही रखा गया था। इस गंभीर मामले को देखते हुए आयोग ने शिक्षा विभाग को तत्काल प्रभाव से एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की सिफारिश की है।
स्कूल के नाम पर बिना अनुमति चल रहा था हॉस्टल और मदरसा
जांच में सामने आया कि बादाखेड़ी गांव में 'मोइनिया एजुकेशन सोसायटी' के तहत स्कूल संचालन की आड़ में पूरी तरह मदरसा और हॉस्टल एक्टिविटी चलाई जा रही थी। आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि इस संस्थान ने पिछले साल केवल छठी से आठवीं कक्षा तक की अनुमति ली थी, लेकिन मौके पर प्राथमिक से लेकर 12वीं कक्षा तक की किताबें बरामद हुई हैं। इसके अलावा, परिसर से 100 से अधिक छात्राओं का निजी सामान भी मिला है, जिससे साफ है कि वहां अवैध रूप से कस्टोडियल हॉस्टल चलाया जा रहा था।
कागजी रिकॉर्ड में भारी हेरफेर और केवल छात्राओं का दाखिला
संस्थान के रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत में भारी अंतर देखने को मिला है। स्कॉलर रजिस्टर में जहां केवल 76 बच्चियों के नाम दर्ज थे, वहीं सरकारी पोर्टल पर महज 36 बच्चियों की ही जानकारी अपलोड की गई थी, जबकि मौके पर संख्या इससे कहीं ज्यादा थी। नियमों के मुताबिक इस स्कूल को छात्र और छात्रा दोनों को पढ़ाने की मान्यता मिली हुई थी, लेकिन मौके पर सिर्फ लड़कियों को ही रखा गया था। इसी अपारदर्शिता और नियमों के खुले उल्लंघन के कारण बाल आयोग ने कड़ी कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की है।
शिक्षा विभाग ने माना- बेहद गोपनीय तरीके से हो रहा था खेल
इस औचक निरीक्षण के दौरान बाल आयोग की अध्यक्ष के साथ मौजूद रहीं जिला शिक्षा अधिकारी टेरेसा मिंज ने भी माना कि यह संस्थान नियमों के विपरीत काम कर रहा था। उन्होंने पुष्टि की कि शिक्षा विभाग को बिना किसी सूचना या अनुमति दिए, बेहद गोपनीय तरीके से स्कूल की आड़ में हॉस्टल और अवैध मदरसा चलाया जा रहा था। जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि आयोग के निर्देशों के आधार पर संस्थान के खिलाफ जल्द ही सख्त वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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