मोल्दोवा पहुंचीं राष्ट्रपति मुर्मू, व्यापार, सहयोग और रणनीतिक साझेदारी पर होगी अहम बातचीत
चिशिनाउ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सोमवार को मोल्दोवा की अपनी ऐतिहासिक यात्रा पर चिशिनाउ पहुँचीं। किसी भी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की ओर से इस यूरोपीय देश की यह पहली आधिकारिक यात्रा है। अपनी तीन देशों की इस महत्वपूर्ण यात्रा के पहले चरण के अंतर्गत, राष्ट्रपति मुर्मू व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से यहाँ पहुँची हैं। चिशिनाउ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मोल्दोवा के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मिहाई पोपसोई ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
उच्च स्तरीय वार्ता और कूटनीतिक संबंध
अपनी एक दिवसीय मोल्दोवा यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति मुर्मू वहां की राष्ट्रपति माया सैंडू के साथ विस्तृत प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगी। इस दौरे में वे मोल्दोवा की संसद के अध्यक्ष इगोर ग्रोसू से भी मुलाकात करेंगी। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रपति मोल्दोवा-भारत संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों के साथ चर्चा करेंगी, एक व्यापार मंच को संबोधित करेंगी और वहां रह रहे भारतीय समुदाय के साथ संवाद करेंगी। मोल्दोवा में लगभग 2,000 भारतीय नागरिक निवास करते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में मेडिकल छात्र शामिल हैं, जो दोनों देशों के बीच संबंधों की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
यूरोपीय देशों के साथ भारत की बढ़ती सहभागिता
राष्ट्रपति मुर्मू का यह दौरा पूर्वी यूरोपीय देशों के साथ भारत के बढ़ते कूटनीतिक संबंधों को दर्शाता है। मोल्दोवा के बाद, राष्ट्रपति 21 से 22 जुलाई तक उत्तरी मैसेडोनिया का दौरा करेंगी, जो किसी भारतीय राष्ट्रपति की इस देश की पहली यात्रा होगी। इसके बाद, दौरे के अंतिम चरण में वे 23 से 25 जुलाई तक रोमानिया की राजकीय यात्रा पर रहेंगी, जो तीन दशकों से अधिक के अंतराल के बाद वहां किसी भारतीय राष्ट्रपति का पहला दौरा है। यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगी, बल्कि व्यापक पूर्वी यूरोपीय क्षेत्र के साथ नई दिल्ली की सहभागिता को भी नई दिशा प्रदान करेगी।
प्रतिनिधिमंडल और रणनीतिक महत्व
रोमानिया, उत्तरी मैसेडोनिया और मोल्दोवा की यह राजकीय यात्रा भारत द्वारा इन देशों के साथ रणनीतिक संबंधों को दिए जाने वाले महत्व का प्रमाण है। राष्ट्रपति मुर्मू के साथ इस यात्रा में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया, राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा और लोकसभा सदस्य विजय बघेल का एक उच्च स्तरीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल शामिल है। यह दौरा व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से भारत की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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