एनडीए की बैठक से निकला मंत्र, देशवासियों को बताना कांग्रेस ने किस तरह किया आंबेडकर का अपमान
नई दिल्ली । संसद में संविधान सभा पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लंबा भाषण दिया था, जिसके एक हिस्से को वायरल करके कांग्रेस आंबेडकर के अपमान का आरोप लगा रही है। मामले में सपा, बसपा, आरजेडी सहित तमाम विपक्षी दल भी सक्रिय हो चुके हैं। इससे भाजपा को दिल्ली सहित देश के कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में नुकसान का डर भी सताने लगा रहा है। बताया जा रहा इसकारण बुधवार को दिल्ली में एनडीए दलों की मीटिंग भाजपा ने बुलाई थी। बैठक में चंद्रबाबू नायडू, संजय निषाद, जीतन राम मांझी और अनुप्रिया पटेल जैसे नेता मौजूद थे। वहीं नीतीश कुमार और एकनाथ शिंद ने अपने प्रतिनिधियों को भेजा था।
बैठक में शाह ने कहा कि उनके भाषण को गलत ढंग से कांग्रेस पेश कर रही है और आंबेडकर के अपमान के अपने पुराने पापों को भुलाना चाहती है। उन्होंने सहयोगी दलों से कहा कि मामले पर बैकफुट पर जाने की कोई जरूरत नहीं है। इसकी बजाय देश भऱ में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर आक्रामक होकर जवाब दे। भाजपा के रणनीतिकारों का कहना है कि इस मामले में न डिफेंसिव होना है और ना ही उपेक्षा करनी है। इस मामले में आक्रामक होना जरूरी है क्योंकि लोकसभा चुनाव में संविधान बदलने और आरक्षण छीने जाने का नैरेटिव कांग्रेस और उसके साथी दलों ने चलाया था। तब भाजपा कांग्रेस के इस नैरेटिव की गहराई नहीं समझ सकी थी और जब नतीजा आया तब फिर बड़ा नुकसान हुआ।
भाजपा चाहती है कि इस बार बिलकुल भी ढिलाई न दी जाए। कांग्रेस और विपक्ष के नैरेटिव की वक्त रहते ही काट की जा सके। ऐसा इसलिए कि दिल्ली और बिहार जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव में इसका असर न दिखे। इसलिए पहले ही भाजपा ने साथी दलों के साथ मिलकर अभियान चलाने का फैसला लिया है। इसके तहत कांग्रेस को आंबेडकर के अपमान के मसले पर घेरा जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी पिछले दिनों इसका संकेत दिया था। यही नहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी यूपी में कांग्रेस पर आंबेडकर के अपमान का आरोप लगाया था। अब ऐसे ही पूरे देश में अभियान चलाने की तैयारी है।
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