भोपाल पुलिस का नया कदम—हर थाने में दो अधिकारियों की तैनाती
भोपाल : भोपाल पुलिस ने आम जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान और कानून-व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए एक अभिनव पहल की है। राजधानी में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के अंतर्गत ‘टू आईसी मॉडल’ (Two-In-Charge Model) की शुरुआत की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत अब एक ही थाने की कमान दो थाना प्रभारियों (TI) के हाथों में होगी।
इस नवाचार से जुड़ी प्रमुख जानकारी नीचे दी गई है:
पायलट प्रोजेक्ट: इन थानों से हुई शुरुआत
प्रायोगिक तौर पर इस मॉडल को अभी दो प्रमुख थानों में लागू किया गया है:
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निशातपुरा थाना: यहाँ कार्यवाहक निरीक्षक अनिल यादव को अतिरिक्त टीआई के रूप में नियुक्त किया गया है।
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हबीबगंज थाना: यहाँ नीतू कुंसारिया को अतिरिक्त थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ये दोनों अधिकारी मुख्य थाना प्रभारी के समकक्ष ही शक्तियों का प्रयोग करेंगे और थानों के दैनिक कार्यों में बराबर की सहभागिता निभाएंगे।
क्यों पड़ी इस मॉडल की जरूरत?
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के अनुसार, इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पुलिस की कार्यक्षमता को बढ़ाना और जवाबदेही तय करना है। इस मॉडल के लागू होने से निम्नलिखित लाभ होंगे:
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कार्यभार का बंटवारा: दो टीआई होने से थानों का प्रशासनिक बोझ कम होगा।
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त्वरित निराकरण: आम नागरिकों की शिकायतों पर अब दोहरी निगरानी होगी, जिससे पेंडिंग फाइलों का निपटारा जल्दी हो सकेगा।
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रात्रि गश्त और बीट सिस्टम: अतिरिक्त टीआई विशेष रूप से रात्रि गश्त, 'माइक्रो बीट सिस्टम' को मजबूत करने और कानून व्यवस्था की मॉनिटरिंग पर ध्यान देंगे।
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सीएम हेल्पलाइन: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए अब एक समर्पित अधिकारी मौजूद रहेगा।
नागरिकों को क्या होगा फायदा?
अक्सर देखा जाता है कि थाना प्रभारी की व्यस्तता के कारण नागरिकों को अपनी समस्याओं के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। अब थाने में एक अतिरिक्त जिम्मेदार अधिकारी की मौजूदगी से जनता को अपनी बात रखने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
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