PSL 2026 में फखर को झटका, तकनीकी समिति का फैसला कायम
पाकिस्तान के अनुभवी बल्लेबाज फखर जमां की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) की तीन सदस्यीय तकनीकी समिति ने फखर की अपील खारिज कर दी है जिस कारण उन पर लगा दो मैचों का निलंबन जारी रहेगा। लाहौर कलंदर्स के ओपनर फखर जमां पर गेंद से छेड़छाड़ करने के लिए दो मैचों का निलंबन लगा है, लेकिन इस बल्लेबाज ने फैसले को चुनौती दी थी।
फखर के खिलाफ थे पर्याप्त सबूत
समिति ने इस मामले पर सुनवाई की और सभी उपलब्ध सबूत के देखने के बाद मैच रेफरी रोशन महानामा द्वारा फखर पर लगाए बैन को बरकरार रखा। मैच रेफरी ने फखर पर गेंद की स्थिति बदलने के लिए लेवन तीन के उल्लंघन का चार्ज लगाया था। यह फैसला उम्मीद के मुताबिक ही था क्योंकि पिछले हफ्ते पीएसएल)मैच के दौरान फखर जमां द्वारा गेंद की स्थिति बदलने के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद थे।
पीसीबी ने मामले पर क्या कहा?
इस पूरे मामले को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने भी बयान जारी किया है।
पीसीबी ने बयान में बताया, फखर जमां ने मैच रेफरी के उस फैसले के खिलाफ अपील की थी, जिसमें उन्हें 29 मार्च को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में लाहौर कलंदर्स और कराची किंग्स मैच के दौरान खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए लागू आचार संहिता के अनुच्छेद 2.14 का उल्लंघन करने के लिए दो पीएसएल मुकाबलों के लिए निलंबित कर दिया गया था।
पीसीबी ने कहा, इस अपील पर गुरुवार को पीएसएल तकनीकी समिति ने सुनवाई की जिसमें प्रोफेसर जावेद मलिक, डॉ. मुमरेज नक्शबंद और सैयद अली नकी शामिल थे। नए सिरे से जांच करने के बाद सभी सबूतों की समीक्षा करने और संबंधित व्यक्तियों के बयान सुनने के बाद समिति ने अपील को खारिज कर दिया और मैच रेफरी रोशन महानामा द्वारा लगाए गए दो मुकाबलों के बैन को बरकरार रखा गया है।
तकनीकी समिति का फैसला अंतिम
अनुच्छेद 2.14 पीएसएल खेलने की शर्तों के नियम 41.3 का उल्लंघन करते हुए गेंद की स्थिति बदलने से संबंधित है। फैसले में कहा गया कि पहली बार लेवल 3 का अपराध करने पर कम से कम एक मैच का बैन और ज्यादा से ज्यादा दो मुकाबलों का बैन लगाया जाता है। आचार संहिता के अनुसार, पीएसएल तकनीकी समिति द्वारा लिया गया कोई भी फैसला इस मामले का पूर्ण, अंतिम और निर्णायक निपटारा माना जाएगा और सभी पक्ष इस मानने के लिए बाध्यकारी होंगे।
फखर ने आरोपों को किया था खारिज
विवाद की शुरुआत तब हुई जब मैच के अंत में मैदानी अंपायरों ने लाहौर कलंदर्स पर पेनाल्टी लगाते हुए विपक्षी टीम को पांच रन दे दिए थे। इसके बाद कराची किंग्स की पारी के आखिरी ओवर से पहले गेंद को बदल दिया गया। फखर जमां पर यह आरोप मैदानी अंपायरों शाहिद सैकत और फैसल खान आफरीदी ने टीवी अंपायर आसिफ याकूब और चौथे अंपायर तारिक रशीद के साथ मिलकर लगाया था। फखर ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया था और आचार संहिता के तहत मिली अनुमति के अनुसार एक औपचारिक अनुशासनात्मक सुनवाई के दौरान आरोपों को चुनौती देने का फैसला किया था। मैच रेफरी रोशन महानामा ने सुनवाई की अध्यक्षता की थी। उन्होंने सबूतों की समीक्षा की और अंतिम फैसला लेने से पहले फखर को अपना पक्ष रखने का मौका दिया। इस सुनवाई में लाहौर कलंदर्स के कप्तान शाहीन शाह अफरीदी, टीम डायरेक्टर समीन राणा और टीम मैनेजर फारूक अनवर भी मौजूद थे।
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