दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को मजबूत करने पर फोकस
नई दिल्ली। भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की बातचीत एक बार फिर से रफ्तार पकड़ने जा रही है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने और द्विपक्षीय वार्ताओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल आगामी 20 से 22 अप्रैल 2026 तक अमेरिका का दौरा करेगा। हाल ही में अमेरिका द्वारा लगाए गए नए आयात शुल्क (टैरिफ) और व्यापारिक जांच से जुड़े घटनाक्रमों के बीच इस आगामी बैठक को व्यापार जगत के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अंतरिम समझौते और टैरिफ में मिली छूट
इस साल की शुरुआत में दोनों देशों के बीच व्यापारिक मोर्चे पर कई बड़े फैसले देखने को मिले हैं। 2 फरवरी 2026 को भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की आधिकारिक घोषणा की गई थी। इसके कुछ ही दिनों बाद, 7 फरवरी 2026 को दोनों देशों ने इस विषय पर एक संयुक्त बयान भी जारी किया था। इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाते हुए, अमेरिका ने 7 फरवरी को 25 प्रतिशत के अतिरिक्त यथामूल्य टैरिफ को हटा लिया था, जो कि भारतीय व्यापार के लिए एक बड़ी राहत थी। इसके अतिरिक्त, 20 फरवरी 2026 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक अहम फैसले ने पारस्परिक टैरिफ को पूरी तरह से अमान्य कर दिया। हालांकि, इस फैसले के तहत धारा 232 वाले टैरिफ और इससे जुड़ी छूट पहले की तरह ही जारी रहेंगी।
नए अमेरिकी टैरिफ और व्यापारिक चुनौतियां
इन सकारात्मक व्यापारिक कदमों के बीच, अमेरिकी सरकार के कुछ नए फैसलों ने नई चुनौतियां भी खड़ी की हैं। 24 फरवरी 2026 से अमेरिकी सरकार ने 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 के तहत एक कार्यकारी आदेश लागू किया है। इस आदेश के माध्यम से अमेरिका ने सभी देशों से आने वाले कुछ चुनिंदा उत्पादों पर 10 प्रतिशत का नया टैरिफ लगा दिया है। इसके साथ ही, अमेरिका ने व्यापार अधिनियम 1974 की धारा 301 के तहत दो नई वैश्विक जांच भी शुरू कर दी हैं, जिनका सीधा प्रभाव भारतीय निर्यात पर भी पड़ सकता है:
अतिरिक्त क्षमता: अमेरिका द्वारा शुरू की गई पहली जांच 'अतिरिक्त क्षमता' को लेकर है, जिसके दायरे में भारत सहित दुनिया की 16 अर्थव्यवस्थाएं शामिल की गई हैं।
जबरन श्रम: दूसरी जांच 'जबरन श्रम' के संवेदनशील मुद्दे पर केंद्रित है, और इस जांच में भारत समेत 60 अर्थव्यवस्थाओं को शामिल किया गया है।
भारत सरकार का रुख और आगे की राह
अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) द्वारा इन नई जांचों के संबंध में विचार-विमर्श का अनुरोध किया गया था। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए, भारत सरकार ने अपना आधिकारिक जवाब अमेरिकी प्रशासन को सौंप दिया है। भारतीय दल की 20 से 22 अप्रैल की यह अमेरिका यात्रा द्विपक्षीय व्यापार नीतियों में स्थिरता लाने के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम है। इस वार्ता से उम्मीद की जा रही है कि नए अमेरिकी टैरिफ नियमों और व्यापारिक जांच के कारण पैदा हुई मौजूदा चिंताओं का कोई सकारात्मक समाधान निकलेगा, जिससे भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक साझेदारी को एक नई दिशा मिलेगी।
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