कई सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर बातचीत हुई।
दिल्ली। बजट से पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को किन्नर समुदाय से उनकी समस्याएं और सुझाव लिए। सरकार ने भरोसा दिया कि इन सुझावों को बजट में जगह दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने सचिवालय में किन्नर समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठक की। इसमें समुदाय के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा किए और रोजगार, स्वास्थ्य, आवास व बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए। मुख्यमंत्री ने पूरी बात सुनी और भरोसा दिया कि किन्नर समुदाय के सुझावों को आगामी बजट में प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार ऐसा बजट बनाना चाहती है, जो हर वर्ग की जरूरतों को पूरा करे और सभी को साथ लेकर चले। बैठक में प्रतिनिधियों ने सहेली पिंक कार्ड के जरिए डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा के फैसले का स्वागत किया और इसे बड़ी राहत बताया। उनका कहना था कि इससे रोजमर्रा की जिंदगी आसान होगी और आर्थिक बोझ भी कम होगा। समुदाय ने सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार के अवसर बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवाओं को ज्यादा संवेदनशील बनाने और कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत करने की मांग रखी। बेहतर आवास, साफ-सफाई और जरूरी सुविधाओं पर भी जोर दिया गया। पहचान पत्र और दस्तावेज से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने की मांग की।
बजट से पहले सीएम-अध्यक्ष की हुई बैठक
इससे पहले, बजट सत्र की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता से मुलाकात की। 23 मार्च से सत्र शुरू होगा और तय हुआ कि 24 मार्च को दिल्ली का बजट पेश किया जाएगा। इस बैठक में कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिस्ट और मुख्य सचेतक अभय वर्मा भी मौजूद रहे।
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