UPI यूज़र्स को राहत, ट्रांजैक्शन लिमिट में इजाफा
नई दिल्ली। अगस्त की शुरुआत में यूपीआई के नियमों में कई बदलाव किए गए थे। वहीं अब फिर नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए होने वाले बड़े डिजिटल पेमेंट को भी आसान बनाने जा रहा है। इस बार ट्रांजैक्शन लिमिट बढ़ाने का ऐलान किया गया है। ये नए नियम 15 सितंबर से लागू होंगे। यानी जीपे-फोनपे चलाने वाले इसे जान लें।
ये नए बदलाव खासतौर पर पर्सन-टू-मर्चेंट यानी पी2एम ट्रांजैक्शन पर लागू होंगे। आसान शब्दों में कहें तो अगर आप इंश्योरेंस प्रीमियम भरते हैं, लोन ईएमआई भरते हैं या मार्केट में इन्वेस्ट करते हैं। हालांकि पर्सन-टू-पर्सन ट्रांजैक्शन यानी फैमिली या दोस्तों को पैसे भेजने की लिमिट पहले की तरह 1 लाख रुपए प्रतिदिन ही रहेगी। इसमें अभी किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है।
कैपिटल मार्केट इन्वेस्टमेंट और इंश्योरेंस के तहत अब आप जल्द ही 2 लाख की जगह 5 लाख रुपए प्रति ट्रांजैक्शन और 24 घंटे में मैक्सिमम 10 लाख तक की ट्रांजैक्शन कर सकेंगे। सरकारी ई-मार्केटप्लेस और टैक्स पेमेंट में इसकी लिमिट को भी 1 लाख से बढ़कर 5 लाख रुपए प्रति ट्रांजैक्शन कर दिया जाएगा। ट्रैवल बुकिंग अब 1 लाख की बजाय 5 लाख रुपए प्रति ट्रांजैक्शन, डेली कैप 10 लाख तक रहेगा। क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट एक बार में 5 लाख रुपए तक, लेकिन प्रतिदिन मैक्सिमम 6 लाख रुपए तक पेमेंट कर सकेंगे। लोन और ईएमआई कलेक्शन इसकी लिमिट को भी बढ़कर 5 लाख रुपए प्रति ट्रांजैक्शन से मैक्सिमम 10 लाख रुपए प्रतिदिन कर दिया जाएगा। ज्वेलरी खरीदारी के लिए नई लिमिट के बाद 1 लाख की जगह आप 2 लाख रुपए प्रति ट्रांजैक्शन, डेली कैप 6 लाख तक पेमेंट कर सकेंगे। टर्म डिपॉजिट नई लिमिट के बाद यहां भी आप 5 लाख रुपए प्रति ट्रांजैक्शन कर सकेंगे जो पहले 2 लाख थी।
डिजिटल अकाउंट ओपनिंग में कोई बदलाव नहीं किया गया है इसकी लिमिट अभी भी 2 लाख ही है। इसके अलावा बीबीपीएस के जरिए फॉरेन एक्सचेंज पेमेंट जल्द ही 5 लाख रुपए प्रति ट्रांजैक्शन और डेली कैप 5 लाख तक हो जाएगी। एनपीसीआई का कहना है कि इन बदलावों से लोगों और कारोबारियों को ज्यादा फायदा होगा। इससे बड़े डिजिटल पेमेंट करने में भी आसानी होगी। इन बदलावों से कैशलेस लेनदेन को और बढ़ावा मिलेगा।
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