इजराइल की फिलिस्तीनी क्षेत्र में अवैध मौजूदगी हटाने का प्रस्ताव पास
जेनेवा। संयुक्त राष्ट्र महासभा में फिलिस्तीन से जुड़े प्रस्ताव पर वोटिंग हुई। भारत ने इसमें शामिल नहीं हुआ। भारत ने यूएनजीए में उस प्रस्ताव पर मतदान में हिस्सा नहीं लिया जिसमें मांग की गई थी कि इजराइल के कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र में अपनी अवैध मौजूदगी को 12 महीने के अंदर बिना किसी विलंब के हटाए। 193 सदस्यीय महासभा ने प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। प्रस्ताव के पक्ष में 124 देशों ने मतदान किया। इसमें 14 ने विरोध में मतदान किया और भारत समेत 43 देशों ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। इजराइल और अमेरिका उन देशों में शामिल थे जिन्होंने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया।
बुधवार को पारित प्रस्ताव में मांग की गई कि इजराइल बिना किसी देरी के कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र में अपनी गैरकानूनी मौजूदगी को हटाए। ऐसा वर्तमान प्रस्ताव को अपनाने के 12 महीने के भीतर किया जाए। फिलिस्तीन की ओर से तैयार प्रस्ताव में इजराइल सरकार की ओर से संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के प्रासंगिक प्रस्तावों के तहत अपने दायित्वों की अवहेलना किए जाने की भी कड़ी निंदा की है। इस बात पर जोर दिया गया कि ऐसे उल्लंघनों से क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को गंभीर खतरा है। इसमें कहा गया है कि इजराइल को कब्जे वाले फलस्तीनी क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय कानून के किसी भी उल्लंघन के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
बलरामपुर में बुजुर्ग की मौत, एसडीएम पर मारपीट का आरोप
CG Budget 2026: 24 फरवरी को पेश होगा छत्तीसगढ़ का बजट, वित्त मंत्री बोले- ज्ञान, गति के बाद इस बार भी नई थीम के साथ आएगा बजट
भव्य सामूहिक विवाह समारोह में 305 जोड़ों ने ली सात फेरे, संतों का आशीर्वाद और राजदूतों की सहभागिता