यूपी को मिली हाई-स्पीड कनेक्टिविटी, 594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे शुरू
गंगा एक्सप्रेसवे: टोल दरों की घोषणा और उद्घाटन की तैयारी
लखनऊ| उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए टोल शुल्क का निर्धारण कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई दरें जारी की हैं। इन दरों को दिसंबर 2025 के थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आधार पर प्रति किलोमीटर तय किया गया है।
वाहन श्रेणी के अनुसार निर्धारित टोल दरें (प्रति किमी)
| वाहन का प्रकार | दर (₹ प्रति किलोमीटर) |
| दोपहिया, तिपहिया और ट्रैक्टर | 1.28 |
| कार, जीप, वैन और हल्के मोटर वाहन (LMV) | 2.55 |
| हल्के वाणिज्यिक वाहन (LCV) और मिनीबस | 4.05 |
| बस और ट्रक (भारी वाहन) | 8.20 |
| मल्टी-एक्सल वाहन (3 से 6 एक्सल) | 12.60 |
| ओवरसाइज्ड वाहन (7 या अधिक एक्सल) | 16.10 |
यूपीडा के अनुसार, ये दरें एक्सप्रेसवे के बेहतर रखरखाव और संचालन के लिए तय की गई हैं, जिनमें भविष्य में महंगाई के आधार पर बदलाव किया जा सकता है।
12 जिलों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
यह एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक कुल 12 जिलों (हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़) को आपस में जोड़ेगा। इसके शुरू होने से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच की दूरी घंटों के बजाय मिनटों में सिमट जाएगी, जिससे न केवल समय बचेगा बल्कि व्यापार और माल ढुलाई की लागत में भी कमी आएगी।
प्रधानमंत्री करेंगे भव्य शुभारंभ
प्रधानमंत्री इस ऐतिहासिक परियोजना का उद्घाटन करने के लिए सुबह 11:15 बजे हरदोई पहुंचेंगे। अपने प्रवास के दौरान वे:
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गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे।
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यूपीडा द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे।
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पौधरोपण करेंगे और एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे।
आधुनिक तकनीक और भविष्य का विस्तार
गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण पीपीपी (DBFOT) मॉडल पर किया गया है।
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डिजाइन स्पीड: 120 किमी प्रति घंटा।
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क्षमता: वर्तमान में 6 लेन, जिसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है।
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सुरक्षा: इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा मानक और चौड़े 'राइट ऑफ वे' (ROW) का उपयोग किया गया है।
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