महिला आरक्षण बना टकराव का मुद्दा, सदन में हंगामा
रायपुर: विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण पर छिड़ी बहस, विपक्ष का जोरदार हंगामा
रायपुर: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही पूर्व सांसद मोहसिना किदवई और पूर्व विधायक जगेश्वर भगत के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। सदन के सभी उपस्थित सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
महिलाओं का भव्य स्वागत और सीधा प्रसारण
विधानसभा अध्यक्ष ने दर्शक दीर्घा में उपस्थित महिलाओं का विशेष रूप से स्वागत किया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लोकतांत्रिक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आज की पूरी कार्यवाही का दूरदर्शन पर सीधा प्रसारण किया जा रहा है, जिससे बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर और पूरे प्रदेश की जनता सदन की गतिविधियों को देख सके।
मुख्यमंत्री ने रखा महिला आरक्षण का ऐतिहासिक प्रस्ताव
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सदन के पटल पर महिलाओं को निकायों और अन्य क्षेत्रों में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का शासकीय संकल्प प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री द्वारा यह प्रस्ताव रखे जाते ही सदन में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच चर्चा का दौर शुरू हुआ।
विपक्ष का कड़ा ऐतराज और हंगामा
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार के इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस पहले ही महिला सशक्तिकरण के लिए अशासकीय संकल्प ला चुकी थी। उन्होंने शिकायत की कि जब विपक्ष ने यह प्रस्ताव दिया था तो उसे खारिज कर दिया गया, लेकिन अब सरकार स्वयं इसे शासकीय संकल्प के रूप में ला रही है।
सदन में दिखी तीखी नोकझोंक
संकल्प को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने सदन के बाहर निंदा प्रस्ताव की चर्चा और सदन के अंदर इस संकल्प पर हो रही बहस के विरोधाभास को लेकर सरकार को घेरा। रायपुर स्थित विधानसभा भवन में घंटों चली इस चर्चा के दौरान माहौल काफी गर्म रहा।
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