Yogi Adityanath ने मथुरा हादसे पर शोक व्यक्त किया
मथुरा|मथुरा के वृंदावन में शुक्रवार दोपहर यमुना नदी में एक नाव पलटने से बड़ा हादसा हो गया। केसी घाट पर श्रद्धालुओं से भरी एक नाव पंटून पुल से टकराकर यमुना के पानी में डूब गई। इस दुर्घटना में 6 से ज्यादा श्रद्धालुओं की मौत हो गई है, जबकि कई अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमों ने तुरंत बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया। गोताखोर यमुना के गहरे और तेज बहाव वाले पानी में डूबे हुए लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं, जिससे बचाव कार्य में चुनौतियां आ रही हैं।
हादसे के तुरंत बाद मिली जानकारी के अनुसार, नाव पर 25 से ज्यादा श्रद्धालु सवार थे। पुलिस और गोताखोरों की संयुक्त टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 15 लोगों को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया। इनमें से एक श्रद्धालु को गंभीर हालत में संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। दुर्भाग्यवश, बाकी दस लोगों को बचाया नहीं जा सका और उनकी मौत की पुष्टि हो चुकी है। नदी के गहरे पानी में डूबी हुई नाव की तलाश भी जारी है, जिससे यह आशंका बनी हुई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। यह पूरा इलाका अब शोक में डूबा है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा प्रशासन और पुलिस बल
सूचना मिलते ही पुलिस बल, गोताखोरों की टीमें और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी बिना किसी देरी के मौके पर पहुंच गए। उन्होंने तुरंत बचाव अभियान शुरू कर दिया, जो अब भी युद्धस्तर पर जारी है। यमुना नदी का पानी काफी गहरा है और इस समय बहाव भी तेज है, जिससे गोताखोरों को पानी के अंदर काम करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और अन्य श्रद्धालु जमा हो गए हैं, जिससे बचाव कार्यों में थोड़ी बाधा उत्पन्न हो रही है। प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और बचाव दल का सहयोग करने की लगातार अपील की है, ताकि डूबे हुए लोगों की तलाश और घायलों को निकालने का काम बिना किसी रुकावट के पूरा किया जा सके। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पूरी कार्रवाई का जायजा ले रहे हैं।
जांच में यह बात सामने आई है कि दुर्घटना का शिकार हुए श्रद्धालु पंजाब के लुधियाना और मुक्तेश्वर से आए 150 लोगों के एक बड़े दल का हिस्सा थे। यह दल मथुरा और वृंदावन के मंदिरों और धार्मिक स्थलों के दर्शनों के लिए आया था। जिस नाव में ये श्रद्धालु सवार थे, वह भी दुर्घटना के बाद यमुना में पलटकर पूरी तरह डूब गई है। पुलिस टीम अब उस डूबी हुई नाव की तलाश भी कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उसके नीचे कोई और व्यक्ति फंसा न हो। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह नाव एक निजी नाविक द्वारा संचालित की जा रही थी। ऐसे निजी नाविकों के पास अक्सर सुरक्षा मानकों और यात्री क्षमता को लेकर कोई पुख्ता नियम नहीं होते, जो इस तरह के हादसों की वजह बन सकते हैं। प्रशासन अब इस पहलू की भी जांच करेगा।
सीएम योगी ने व्यक्त किया दुख
नाव दुर्घटना और जनहानि की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “जनपद मथुरा में नाव पलटने से हुई दुर्घटना में जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।” मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने, बचाव व राहत कार्य संचालित करने और सभी घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभु श्री राम से दिवंगत आत्माओं को सद्गति प्रदान करने और शोकाकुल परिजनों को इस अथाह दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना भी की है। साथ ही, घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना भी की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि पीड़ितों को हर संभव सहायता और सहयोग मिले।
यमुना नदी में इस तरह की दुर्घटनाएं, खासकर पंटून पुलों के आसपास, पहले भी देखने को मिली हैं। पंटून पुल, जो अस्थायी रूप से नदी पर बनाए जाते हैं, अक्सर बदलते जलस्तर और बहाव के कारण अपनी स्थिति बदल सकते हैं। नावों के संचालन में सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करना, क्षमता से अधिक सवारियां भरना और नाविकों की लापरवाही ऐसे हादसों का मुख्य कारण बनती है। केसी घाट जैसे व्यस्त धार्मिक स्थलों पर जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है, वहां निजी नावों के संचालन पर सख्त निगरानी और सुरक्षा उपायों की सख्त आवश्यकता महसूस की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर नदी परिवहन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर परिणामों को उजागर किया है। स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे स्थानों पर नावों के संचालन के लिए कड़े नियम बनाने और उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करना चाहिए।
लापता लोगों की तलाश में जुटा बचाव दल
बचाव दल अभी भी नदी में लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं और उनके मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति के बारे में तुरंत पुलिस को सूचित करने की अपील की है। मृतकों के परिजनों तक सूचना पहुंचाने और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल पैदा कर दिया है, और लोग प्रशासन से भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। घटना के बाद, नदी में नावों के संचालन को लेकर सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा और कड़े नियम लागू करने पर विचार किया जा सकता है, ताकि ऐसी त्रासदियों को दोहराया न जा सके।
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